Tuesday, March 31, 2020

शरीर रहे स्वस्थ : हमारे शरीर का सबसे बड़ा दुश्मन कब्ज़

शरीर रहे स्वस्थ : हमारे शरीर का सबसे बड़ा दुश्मन कब्ज़: कब्ज़ एक ऐसा दुश्मन जो आपके शरीर को बीमार कर देता है।  कब्ज़ की समस्या कई भयानक बीमारियों की जड़ है।  आधुनिक समय में ये बीमारी लोगों  में ब...

सहेली के सुझाव: चाय, हमारी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा कितना ला...

सहेली के सुझाव: चाय, हमारी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा कितना ला...: चाय, हमारी दिनचर्या का महत्वपूर्ण  हिस्सा कितना लाभकारी और कितना हानिकारक जानिए चाय के बारे में पूरी जानकारी  चाय पीना हमारी दिनचर्या का ...

चाय, हमारी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा कितना लाभकारी और कितना हानिकारक जानिए चाय के बारे में पूरी जानकारी

चाय, हमारी दिनचर्या का महत्वपूर्ण  हिस्सा कितना लाभकारी और कितना हानिकारक जानिए चाय के बारे में पूरी जानकारी 

चाय पीना हमारी दिनचर्या का एक अहम् हिस्सा है।आपका मूड ख़राब है तो चाय आपका मूड अच्छा कर देती है। अधिकतर लोगों का दिन ही चाय के कप के साथ होता है।  दुनिया में आप चाहे कही भी चले जाओं चाय एक ऐसा पेय है हो हर जगह मिलता है और इसके बिना आपकी मेहमाननवाज़ी भी अधूरी सी है। जब चाय ही हमारे लिए इतनी खास है तो हम इसके बारे में कुछ रोचक जानकारियाँ बताते है। ज्यादा सप्लाई से 8 फीसदी तक सस्ती हुई ...

चाय का चलन ----- चाय  का चलन कब से हुआ इस बात का तो पता नहीं है परन्तु इसके पीछे एक कहानी लोगों की जुबान पर है। बात उन दिनों की थी जब चीन देश के राजा शैन नुंग के गर्म पानी के कप में कुछ पत्तियाँ उड़ कर कप में गिर गयी जिससे पानी का रंग बदल गया और गर्म पानी में से एक महक आने लगी। जब इस पानी को पिया गया तो इसका स्वाद राजा को बहुत पसंद आया इसके बाद ये पेय  चाय के नाम से पिया जाने लगा।  Darjeeling Tea Industry: बंद के एक साल बाद ...
भारत में चाय का उत्पादन ------ बात साल 1815 की है जब अंग्रेज यात्रियों का ध्यान असम में कुछ झाड़ियों पर गया जिसे वहाँ के लोग पेय बनाकर पीते थे। 1834 में भारत के गवर्नर जर्नल लॉर्ड  बैटिक ने ऐसे क्षेत्रों की खोज करवाई जहाँ चाय का उत्त्पादन हो सकता था। साल 1835 में चाय के बागान लगा कर उत्पादन शुरू किया गया और तब से हमारे देश में चाय का उत्पादन शुरू हुआ।  

चाय में पाए जाने वाले तत्व ----- चाय में कई प्रकार के तत्व पाए जाते है। 
कैफीन ---- चाय में पाया जाने वाला तत्व कैफीन शरीर में चुस्ती फुर्ती लाता है परन्तु ये ही तत्व चाय की लत को लगता है। जिन लोगों को इसकी लत लग जाती है यदि उनको चाय न मिले तो उनको सिरदर्द और कमजोरी महसूस होती है।
टेनिन ----- टेनिन के कारण ही हम चाय पीकर ताजगी का अनुभव करते है लेकिन यदि कुछ समय के बाद चाय न मिले तो हम थका थका सा महसूस करते है। टेनिन ही हमारे पाचनतंत्र पर बुरा असर डालता  है।
एमिनो एसिड्स ------ चाय में एल थिएनाइन एमिनो नाम का एसिड दिमाग को शांत और अलर्ट रखता है।
फ्लोराइड ----- चाय में पाया जाने वाला फ्लोरिड नाम का तत्व हड्डियों को कमजोर करता है यदि ज्यादा मात्रा में चाय का सेवन किया जाये। 
फायटोकेमिकल्स ---- ज्यादा चाय का सेवन करने पर इसी तत्व से नींद न आने की बीमारी हो जाती है।
आक्सलेट्स ---- ये तत्व यदि ज्यादा हो जाये यानि ज्यादा चाय का सेवन किया जाये तो स्टोन की परेशानी हो सकती है। 8 side effects of green tea - ग्रीन टी पीना भी ...
चाय के फायदे ----- चाय पीने के अनेकों फायदे है ये कैफीन और टेनिन से भरपूर होते है जिससे चुस्ती फुर्ती का अहसास होता है।
चाय में जो एमिनो एसिड पाए जाते है वो दिमाग को शांत और अलर्ट रखता है।
चाय में पाया जाने वाला एंटीजेन नाम का तत्व एक तरह का एन्टीबैक्टीरयल होता है।
चाय के एन्टीऑक्ससिडेंट्स अनेकों बीमारियों से बचाते है और जल्दी बूढ़ा नहीं होने देते है।
चाय में पाया जानेवाला फ्लोरिड तत्व हड्डियों को मजबूत करता है और दांतों में जल्दी कीड़ा नहीं लगने देता है। Lemon tea reduces fat - चर्बी कम करती है नींबू ...
चाय की विषय में मजेदार बातें -------
* 15 दिसम्बर को इंटरनेशनल टी डे मनाया जाता है।
* चाय अफगानिस्तान और ईरान का राष्ट्रीय पेय है।
* चाय ही केवल एक ऐसा पेय है जो दुनिया में सबसे ज्यादा पिया जाता है।
* भारत में 1835 से चाय पीने की शुरुवात हुई।
* चाय ही एक ऐसा पेय है जो लोग ठंडा और गर्म दोनों ही तरह से लेते है।
* तुर्की में एक व्यक्ति हर रोज 15 कप चाय पी लेता है।
* ब्लैक टी की सबसे ज्यादा खपत भारत में है।
चाय की वैराइटी ----- चाय दो तरह की होती है सीटीसी या  प्रोसेस्ड टी और ग्रीन टी
सीटीसी टी ( काली चाय ) ----  इसको बहुत से ब्रांड्स बेचते है ये दानेदार होती है। ये वही चाय होती है जो हम लोग अपने घरों में पीते है। इसको बनाने के लिए बागान से पत्तियों को लाकर कर्ल किया जाता है फिर इनको सूखा कर दानों में बदल देते है इससे चाय की स्वाद में बदलाव आता है ये पहले से ज्यादा महकती है और स्वाद में  निखरती है। इसे दूध और चीनी के साथ पिया जाता है। कुछ लोग इसे बिना दूध और चीनी के पीते है जो बहुत ही फायदेमंद होती है।
अगर पीतें हैं हर्बल चाय तो उसे बनाते ...ग्रीन टी ----- इस चाय को प्रोसेस्ड नहीं किया जाता है। ग्रीन टी को कच्ची पत्तियों को सुखाकर बनती है। ग्रीन टी को सीधे ही पत्तियों को तोड़ कर बनाया जाता है इसलिए ग्रीन टी में काली टी से ज्यादा एन्टीऑक्ससिडेंट होते है।  इसे बिना दूध और चीनी के पीया जाता है।
हर्बल टी ---- जब ग्रीन टी में कुछ जड़ीबूटियां जैसे अश्वगंधा ,तुलसी , इलायची , दालचीनी आदि  मिला दिया जाता है है तो ये हर्बल टी बन जाती है। इस चाय का इस्तेमाल लोग आयुर्वेदिक इस्तेमाल जैसे सर्दी खांसी आदि के लिए करते है। इसे बिना दूध और चीनी के पीया जाता है।
अदरक-नींबू की चाय के 12 फायदे - Benefits Of ...ऑर्गेनिक टी ---- इस टी में किसी भी तरह का कोई केमिकल नहीं मिलाया जाता है। ये स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी होती है।
वाइट टी ------ इस टी को कम प्रोस्सेड करते है। स्वाद में ये हलकी मीठी होती है। इस टी में कम कैफीन और ज्यादा एन्टीऑक्ससिडेंट होते है।
If You Are Tea Lover Then Keep These Things In Mind - अगर आप ...ब्लैक टी ------- इससे बिना दूध और चीनी के पिया जाता है। ये टी बहुत ही फायदेमंद होती है।
लेमन टी ------ इसे नींबू के रस के साथ पिया जाता है। इस तरह की चाय पीने से चाय के जो  एन्टीऑक्ससिडेंट शरीर को नहीं मिल पाते है वो नीबू की रस के साथ शरीर को मिल जाते है।
Map: The Countries That Drink The Most Tea- Inext Liveइंस्टेंट टी ----- ये टी टी बैग्स में मिलती है। टी बैग्स को गर्म पानी में डाल कर तुरंत तैयार कर लिया जाता है ये टी बहुत फायदेमंद है।  टी बैग्स में टैनिक एसिड होता है जो नेचुरल एस्ट्रिजेंट होता है। इसके एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण इसे कॉस्मेटिक इस्तेमाल में भी करते है।
चाय से होने वाले नुकसान ---- चाय सेहत के लिए अच्छी होती है यदि इसका इस्तेमाल सही तरह से किया जाये। चाय को एक दिन में तीन कप से ज्यादा लेना नुकसानकारक होता है।
ज्यादा चाय पीने से ज्यादा यूरिन आता है जिसके कारण शरीर से कई तरह के मिनरल्स निकल जाते है जैसे कैल्शियम ,पोटेशियम आदि।
ज्यादा चाय का सेवन किडनी में स्टोन का भी कारण हो सकता है।
चाय बनाने के बाद उसका सेवन तुरंत कर लेना चाहिए नहीं तो पाचनतंत्र ख़राब हो सकता है।
ज्यादा चाय का सेवन शरीर में आयरन ऑब्जर्व करने के क्षमता को कम कर देता है।
ज्यादा  चाय पीने से दांत पीले और बदरंग हो जाते है।
ज्यादा चाय पीने से दिल की बीमारी , मोटापा , अनिंद्रा जैसी बीमारी हो सकती है।
ज्यादा चाय ब्रेन की पावर कम कर देती है।





Sunday, March 29, 2020

पंचामृत यानि चरणामृत के ये गुण क्या आपको पहले से पता थे ?

पंचामृत यानि चरणामृत के ये गुण क्या आपको पहले से पता थे ?

पंचामृत या चरणामृत ये वो प्रसाद होता हो जो मंदिर का पुजारी आपको मंदिर में भगवान के दर्शन के बाद एक जल के रूप में देता है। know about Panchamrit these five special symbols ये केवल एक  जल  नहीं होता है बल्कि ये  भगवान के चरणों में अर्पण  पाँच चीजों का मिश्रण होता है जो भगवन को अर्पण करने के बाद उनके भक्तों में वितरित कर दिया जाता है। चरणामृत का धार्मिक दृष्टि से तो बहुत लाभ है परन्तु हमारी सेहत पर भी ये आश्चर्यजनक रूप से प्रभाव डालता है। हमारे शास्त्रों के अनुसार पंचामृत का सेवन करने से एक सकारात्मक ऊर्जा मिलती है जो हमारे हमारे अंदर सकारात्मक  भावना और सकारात्मक विचार उत्पन करती है। पंचामृत पांच प्रकार के अमृत यानि पांच ऐसे पदार्थो से मिलकर बना है जो स्वास्थ्य की दृष्टि से हमें बहुत लाभ देते है।
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दूध ----- हमारे शास्त्रों में दूध को सबसे पवित्र माना गया है। इसकी पवित्रता के कारण देवताओं का स्नान भी दूध से होता है। जब हम संसार में शुद्धता की बात करते है तो दूध का नाम सबसे पहले आता है। पंचामृत में दूध वो भी  गाय के दूध का इस्तेमाल होता है। गाय का दूध सबसे अच्छा शुद्ध ,गुणकारी माना गया है। पंचामृत में दूध का इस्तेमाल करने का मतलब होता है कि हमारा जीवन भी दूध की तरह चमकता रहे उसपर कोई कलंक न हो।
How to Make Thick Curd or Dahi at Home Easy Tipsदही ----- पंचामृत में दूसरा अमृत यानि दही का इस्तेमाल होता है।  जैसे दही के बैक्टीरिया दूध को दही में बदल देता है वैसे ही हम अपने जीवन को निष्कलंक बनके सद्गुण अपनाये और दूसरों को भी अपने जैसा बना दे। दही का उपयोग हम सभी शुभ कार्यों में करते है। दही एक प्रकार का सुपरफूड माना गया है क्योकि दही में सभी पौष्टिक गुण होते है साथ ही खाने में हलकी यानि सुपाच्य होती है।  दही हमारे लिए एक अमृत के समान है।
Is Ghee Healthy and How to You Eat It? | Shapeघी ------ पंचामृत में इस्तेमाल होने वाला तीसरा अमृत यानि घी।  घी हमारे जीवन में प्रेम और समर्पण का प्रतीक है हमारे सम्पूर्ण जीवन प्रेम और समर्पण पर चलता है।  हमारे आयुर्वेद में घी को अमूल्य बताया गया है यदि घी गाय के दूध से बना हो तो बहुत ही उत्तम होता है। गाय के घी का दीपक हम देवताओं की पूजा के समय जलाते है। गाय के दूध से बना घी को ही शुद्ध माना गया है। गाय के दूध से बना घी कई स्वास्थ्य लाभ देता है इसके इस्तेमाल से हमारे आँखों की रौशनी बढ़ती है।  ये शरीर को बलवान  तो बनता ही है कई आयुर्वेद उपचार में भी इस्तेमाल होता है।
shhad-ke-sehat-wale - Grihshobhaशहद ----- पंचामृत में चौथा अमृत यानि शहद का इतेमाल होता है। शहद मीठा होने के साथ शक्ति प्रदान करता है। शहद का इस्तेमाल करने का मतलब हमे दुर्बल से शक्तिशाली होना है क्योकि दुर्बल हर कार्य में अयोग्य होता है। पूर्ण योग्यता प्राप्त करने के लिए शक्तिशाली होना जरुरी है।  शहद का सेवन हमारे देवताओं को भी बहुत प्रिये है। शहद का इस्तेमाल हमें अनेकों फायदे देता है। शहद एक ऐसा पदार्थ है जो कभी खराब नहीं होता है। शहद का इस्तेमाल कई बिमारियों को दूर करने ,सौन्दर्य लाभ और कई प्रकार की आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल होता है।
Shakkar vs chini(sugar) #sugar #health - YouTubeशक्कर ----- पंचामृत का पांचवा अमृत यानि शक़्कर का इस्तेमाल इसका मतलब होता है हमारे जीवन में मिठास हो। इससे हमारे स्वाभाव मीठा होता  है।  हमारी सेहत के लिए अच्छा माना गया है। ये शक़्कर गुड़ से बनती है। शक्कर की जगह देशी खांड या मिश्री जो की चीनी से ज्यादा गुणकारी मानी जाती है। का इस्तेमाल किया जाता है। मिठास को ख़ुशी ,उल्लास ,प्रेम और सद्धभावना का प्रतीक माना जाता है इन  बिना मिठास के हमारा जीवन अधूरा है।
किडनी के लिए रामबाण है तुलसी | News Track ...तुलसी ------ पंचामृत में एक और पदार्थ का इस्तेमाल होता है जिसके बिना देवता भी कोई वास्तु ग्रहण नहीं करते है वो है तुलसीदल यानि तुलसी की पत्तियाँ। पंचामृत में तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल इसको सुपरपॉवरफ़ुल बना देता है। तुलसी के अनेकों ऐसे गुण है जिसके कारण इसका इस्तेमाल पूजा से लेकर बिमारियों को दूर भागने के लिए किया जाता है। रोज तुलसी का इस्तेमाल हमें अनेकों बिमारियों और शारीरिक विकारों से दूर रखता है।
घर में रखा है गंगाजल तो जरुर ध्यान ...गंगाजल ----- पंचामृत बनाने के बाद उसमे गंगाजल डाला जाता है गंगाजल अपनी शुद्धता और पवित्रता को बनाये रखता है। गंगा जल में जड़ीबूटी और आयुर्वेदिक दोनों ही गुण होते है  जो इस बात का प्रतीक है व्यक्ति को प्रेम और करुणा का गुण होना चाहिए।

Saturday, March 28, 2020

सहेली के सुझाव: क्या आप जानते है कि दही को सुपर फ़ूड क्यों कहा जाता...

सहेली के सुझाव: क्या आप जानते है कि दही को सुपर फ़ूड क्यों कहा जाता...: क्या आप जानते है कि दही को सुपर फ़ूड क्यों कहा जाता है ? चाहे कोई भी खाना हो उसमे दही न हो तो कुछ अधूरा सा लगता है। दही बेहतर स्वास्थ्य और...

क्या आप जानते है कि दही को सुपर फ़ूड क्यों कहा जाता है ?

क्या आप जानते है कि दही को सुपर फ़ूड क्यों कहा जाता है ?

चाहे कोई भी खाना हो उसमे दही न हो तो कुछ अधूरा सा लगता है। दही बेहतर स्वास्थ्य और तंदुरस्ती के लिए जाना जाता है।  दही में ऐसे पोषक तत्व होते है जो हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य की रक्षा करते है। बदलते मौसम में हमें कुछ ऐसी चीजों की आवश्यकता होती है जो हमारे शरीर की बिमारियों से लड़ने में मदद करे यानि हमारा इम्यून सिस्टम को मजबूत करे। दही एक ऐसा सुपर फ़ूड है जो हमारे शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है जिससे हमारा शरीर वायरल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन से मुकाबला कर निरोग रहता है। हमारे शरीर की आंतों में  लगभग 400 प्रकार के अच्छे और बुरे  बैक्टीरिया पाए जाते है। दही में पाए जाने वाले अच्छे बैक्टीरिया कई तरह से हमारे लिए फायदेमंद होते है
Curd / Dahi/ Yogurt - Shrinathdham*   कार्बनिक अम्लों को ग्लूकोज़ में बदलने में मदद करते है।
*   कोलेस्ट्रॉल को कम करते है।
*   खाने की पोषक तत्वों को शरीर में पचाने में मदद करते है।
*   प्रोटीन ,एंजाइम और फाइबर के को तोड़ते है।
*   शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते है।
कैसे फ़ायदेमदं है दही ------ दही में प्रोबॉयोटिक्स  में शरीर में इम्यून सिस्टम को मजबूत करने की क्षमता होती है   जो शरीर की आंतों में मौजूद बैक्टीरिया और यीस्ट यानि बैड  बैक्टीरिया ,(जो शरीर में रोग का कारण होते है )उन को ख़त्म करके शरीर को रोग मुक्त बनता है। दही में पाया जाने वाला प्रोबॉयोटिक्स एलर्जी को रोकने की क्षमता रखते है। बच्चों और बुजुर्गों में रोगों से लड़ने की क्षमता कम होती है घर का बना ताजा दही इन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है , वायरल इन्फेक्शन से बचाव करता है। इसके लिए दही हमेशा ताजा और घर का बना होना चाहिए। दही जमाने का सबसे आसान तरीका Dahi Banane ki ...
दही क्यों सुपर फ़ूड है ----- अनेकों कारणों से दही को सुपर फ़ूड कहा जाता है।
* दही पेट को ठंडा रखती है.
* दही एक सम्पूर्ण फ़ूड है जो शरीर को प्रोटीन , कैल्शियम ,विटामिन बी 12 ,विटामिन बी 2 ,मैग्नीशियम ,पोटेशियम, फैट , आदि पोषक तत्व प्रदान करती है।
* दही आसानी से पच जाती है ये उन लोगों के लिए बहुत गुणकारी होती है जिन लोगों की पाचन क्षमता कमजोर है। Dahi vada - Picture of Food Centre Restaurant, Indore - Tripadvisor
* बदलते मौसम में दही शरीर में इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है इसका कारण दही में लैक्टोबैसिलस नाम का बैक्टीरिया होता है जो शरीर में बिमारियों से लड़ने के  फाइटर की तरह काम करता है।
* दही कब्ज की समस्या दूर करता है।
* दही में फैट और कैलोरी कम होती है। इसमें मौजद कैल्शियम शरीर में कॉर्टिसॉल बनने से रोकता है जिसके कारण शरीर का वजन बढ़ता नहीं है और ये वजन कम करता है।  इसलिए ये शरीर का वजन घटाने के लिए बहुत अच्छा है।
* त्वचा के लिए दही बहुत अच्छा होता है। ये त्वचा को मॉइश्चराइज करता है। दही में पाया जाने वाला लैक्टिक एसिड  त्वचा से डेड सेल्स उतारने का काम करता है और ये त्वचा के कालेपन को साफ़ करता है।
* हमारे आयुर्वेद में दही खाना अच्छा कहा गया है इसे सुबह की नाश्ते के समय लेना सबसे अच्छा कहा गया है पर अस्थमा के रोगी इसका सेवन रात में न करे।
* दही को ज़माने के लिए मिटटी का बर्तन सबसे अच्छा होता है इससे दही में पोषकता बढ़ जाती है। दही बिना चीनी और नमक के सेवन करना उत्तम रहता है।

Thursday, March 26, 2020

उदास मन को मस्त कर देती है ये पाँच चीजें।

उदास मन को मस्त कर देती है ये पाँच  चीजें। 

कभी कभी हम काफी उदास सा फील करते है इसका कारण चाहे कोई भी हो पर उदास मन से हम कभी भी अच्छा काम नहीं कर सकते। उदास मन से किया कार्य हमें अच्छा फल भी नहीं देता है। उदास मन का एक कारण होता है वो है हमारी ऊर्जा का स्तर का गिरना और सिरोटोनिन नाम के हार्मोन्स में गिरावट आना। यदि आप अपनी ऊर्जा के स्तर को बढ़ा दे तो सेनोटेनिन हार्मोन के स्तर में बढ़त होगी और आप ऊर्जावान बनके मस्त मस्त हो जायेगे। Image result for chocolate
चॉकलेट ----- चॉकलेट में स्ट्रेस हार्मोन्स को दबाने की अदभुत क्षमता होती है तो जब भी आप अपने आप को उदास महसूस करे या आलसी फील करे तो तुरंत चॉकलेट का सेवन करे। यदि आप हमेशा अच्छा फील करना चाहती है तो चॉकलेट सेवन करे पर सावधान! इसे कभी भी अपनी आदत न बनाने दे। 
Image result for cereals सीरियल्स का सेवन करे ----- जो लोग रोज नाश्ते में साबुत आनाज का नाश्ता करते है उनका मूड हमेशा खुशमिजाज रहता है। साबुत अनाजों में विटामिन बी बहुत अच्छी मात्रा में होता है ये ही सेरोटनिन नाम के हार्मोन का उत्पादक होता है। सिरोटोनिन  हार्मोन हमारे मूड को खुश रखते है। 
Image result for dry fruitsड्राई फ्रूट्स का सेवन ----- यदि हम दिन भर ऊर्जा से भरे रहेंगे तो हमारा मूड भी अच्छा रहेगा। दिनभर की ऊर्जा के लिए मुठी भर ड्राई फ्रूट्स का सेवन हमे दिन भर ऊर्जा से भरा रखता है। 
Image result for pineappleपाइनएप्पल ------- पाइनएप्पल के सेवन से  सिरोटोनिन हार्मोन्स का स्तर बढ़ता है इसलिए जब आप अपना जल्दी से मूड सही करना चाहते हो  तो तुरंत पाइनएप्पल खाये या इसका जूस पिए। पाइनएप्पल खाने से सर्दी और खांसी की छुट्टी होती है। 
Image result for nariyalनारियल ----- नारियल का सेवन अक्सर हम सर की मालिश करने के लिए करते है पर क्या आपको पता है की नारियल गुड़ कोलेस्ट्रॉल को बढ़ता है साथ ही ये हमारे मेटाबॉलिज़्म को भी बढ़ता है और हमें अच्छा फील करता है।